: सरकारी केसों की फाइलें न होने से सुनवाई रुकने की जबाबदेही किसकी होगी,प्रमुख सचिव से हाईकोर्ट ने की पूंछतांछ : महाधिवक्ता कार्यालय में आग लगने का मामला
Admin
Sat, Aug 6, 2022प्रयागराज - इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रमुख सचिव विधि को पांच अगस्त को तलब किया है और पूछा है कि दो हफ्ते पहले महाधिवक्ता कार्यालय में आग लगने के बाद जले रिकार्ड के पुनर्निर्माण के लिए क्या व्यवस्था की गई हैं। कोर्ट ने प्रमुख सचिव विधि से पूछा है कि सरकारी केसों की फाइलें कोर्ट में न होने से सुनवाई रुकने की जवाबदेही किसकी है। यह आदेश न्यायमूर्ति सरल श्रीवास्तव ने देवकी उर्फ सोनू उर्फ देवकी शरण शर्मा की जमानत अर्जी पर दिया है .कोर्ट ने कहा कि रिकॉर्ड जलने के कारण किसी की व्यक्तिगत स्वतंत्रता की अनदेखी कर अभियुक्त को जेल में नहीं रखा जा सकता है। सरकार पर अभिरक्षा में रखी फाइलों को सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी होती है। रिकॉर्ड उपलब्ध न होने के कारण केस की सुनवाई नहीं हो पा रही है। कोर्ट ने दो हफ्ते तक अवसर दिया। सरकारी वकील जिम्मेदारी निभा रहे हैं। किंतु फाइलों का पुनर्निर्माण नहीं किया जा रहा। जिससे सरकारी वकील असहाय हैं। वे कोर्ट को सहयोग नहीं कर पा रहे हैं और सुनवाई टल रही है। मामले में याची की ओर से अधिवक्ता ईशान लांबा पक्ष रख रहे थे।
कोर्ट ने कहा कि दुर्भाग्यपूर्ण आग लगने के कारण सरकारी फाइलें जल गईं। सरकारी वकील के अनुरोध पर सुनवाई दो हफ्ते तक टाली गई। मांगी गई जानकारी उपलब्ध नहीं हो रही है। सरकार के सहयोग के बगैर जमानत अर्जी की सुनवाई नहीं हो पा रही है। केस की सुनवाई हो सके, इसके लिए सरकार की तरफ से कोई व्यवस्था नहीं की गई।
राज्य पर फाइलों की सुरक्षा की जिम्मेदारी है। याची की गलती नहीं है। उसे दोषी नहीं मान सकते। केस फाइल नहीं है तो सरकार इसके लिए जिम्मेदार है। फाइल सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी सरकार की है। सरकारी अकर्मण्यता के कारण किसी को जेल में नहीं रखा जा सकता।विज्ञापन
विज्ञापन