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राज्य से मिटे हर सनातनी के माथे पर लगा कलंक,आओ करें टोका- टाकी!

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गविष्टि यात्रा का हुआ शंखनाद403 विधानसभाओं में जाएगी यात्रा

जगद्गुरु शंकराचार्य माथे पर लगाई माटी,किया शंखनाद

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बात पते की..सन्यासी लेता नहीं बल्कि देता ही है,देने आया हूँ : राज्य से मिटे हर सनातनी के माथे पर लगा कलंक,आओ करें टोका- टाकी!

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Wed, May 6, 2026

देवरिया- गोरखपुर से देवरिया पहुंचे ज्योतिर्मठ के जगद्गुरु शंकराचार्य ने कहा कि सन्यासी को कुछ चाहिए नहीं,सन्यासी लेता नहीं बल्कि देता है। और मैं कुछ देने आया हूँ,वह अमूल्य चीज जो सबके मंगल और सुख का आधार है। हम चाहते हैं कि आपके माथे पर लगा गो हत्या का कलंक मिट जाए और आप इस पाप से मुक्त होकर निष्कलंक जीवन जिएं।

बता दें कि,इन दिनों जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती उत्तर प्रदेश में गो जन धर्म जागरण में निकले हैं। वह 81 दिवसीय यात्रा पर हैं। यह यात्रा गो हत्या प्रबंधित कराने व गो माता को राज्य माता बनाने के लिए संकल्पित है।

माथे पर लग रहे गो हत्या के कलंक से मुक्ति की यात्रा है गविष्ठि-

सत्य व बेबाकी से बोलने के लिए विख्यात ज्योतिष्पीठाधीश्वर प्रत्येक विधानसभा में जाने का निश्चय किया है। इस 81 दिवसीय यात्रा का नाम "गविष्ठि यात्रा" है। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का मानना है कि किसी भी देश या राज्य की जनता तब तक खुशहाल नही हो सकती जब तक कि उस राज्य में गो हत्या बंद नही हो जाती। जब तक गो बध होता रहेगा तब तक जनता को अनेकानेक प्रकार का कष्ट उठाना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि हम इसलिए निकले हैं कि हमारी सनातनी जनता जागे और गो माता की रक्षा व सम्मान की लड़ाई लड़कर अपने दायित्व का पालन करे। जाने अनजाने में लगे गो हत्या के कलंक से जब मुक्ति मिल जावेगी तो अवश्य ही जीवन सुखमय हो जाएगा। "अहं हनं वृतं गविष्ठौ" का संकल्प भी लोग दुहरा रहे हैं। यह यात्रा का एक अलग ही पहचान है।

उनका कहना है कि किसी भी कानून को लागू कराना सरकार का काम है। सरकार को चाहिए कि गो हत्या प्रबंधित कानून बनाकर उसे सख्ती के साथ लागू करे साथ ही साथ गो माता को राज्य माता का दर्जा दे। हर नागरिक गो माता की रक्षा को अपना नैतिक दायित्व समझे। जब दायित्व पूर्ति में लोग लग जाएंगे तो अपने आप सरकारों की मनमानी बंद हो जाएगी।

हालांकि,इस गविष्टि यात्रा से सत्ता की गलियारों में काफी चर्चा है। माहौल गरम है सियासतदारों में । जन जन के मन में अब गो माता की रक्षा का प्रश्न कौंधने लगा है। यह बात सिर्फ हिन्दू ही नहीं बल्कि मुश्लिम भी कर रहे हैं। इस तपती दोपहरी में जब सन्यासी सड़कों पर निकला है तो ज्वाला भड़केगी अवश्य!

गो हत्या को प्रतिबंधित कर राज्यमाता का सम्मान दे सरकार-

यह ज्वाला निरंकुश शासन सत्ता को कहीं नष्ट न कर दे यह चर्चा सरेआम हो रही है। देवरिया पहुंची गविष्ठि यात्रा में बच्चे-बूढें-नौजवान-स्त्री-पुरुष सबने टकटकी लगा शंकराचार्य के दर्शन किये। पहली बार अपने बीच सर्वोच्च धर्मगुरू को पाकर सनातनी जनता खुश है। देवरिया के तेज नारायण सिंह कहते हैं - कि इसी प्रकार अन्य धर्माचार्य निकले होते व ऐसी यात्रा किये होते तो शायद सनातनी कभी ठगा नही जाता । राजनीतिक लोगों ने जैसा चाहा वैसा इस्तेमाल किया है हम सनातनियों का,ये पहले ऐसे धर्म जगदगुरू हैं जो कम से कम मठ से निकलकर जनता के बीच घूम तो रहे हैं। यदि सरकार नहीं चेती तो परिवर्तन कर जनता कारण अवश्य पूछेगी।

करेंगे टोका -टाकी -

वहीं विमल किशोर राय का कहना है कि- गो हत्या का कलंक हम सनातनियों के माथे पर लग रहा है,इसलिए अब गो हत्या नही करने दिया जाएगा,और सरकार की मनमानी पर हम सनातनी टोका-टॉकी भी करेंगे तभी तो कुछ दबाव बनेगा ऐसी प्रतिक्रिया लोगों की दिखने लगी है। राजनीतिक गलियारों में इसकी चर्चा जोरों पर दिखाई देने लगी है।

24 को लाखों का महाशंखनाद -

गविष्ठि यात्रा का आज चौथा दिन है। यह यात्रा अनवरत चलती रहेगी,22 जुलाई को गोरखपुर में पूर्ण होगी। और 24 जुलाई को लखनऊ में 1 अक्षौहिणी चतुरिंगिनी सेना के साथ महाशंखनाद होगा सभा की जाएगी। खबर यह भी है कि गाँव गाँव स्तर पर चतुरंगिणी सेना का संगठन तैयार किया जा रहा है। अंदर अंदर बदलाव की बयार देखने को मिल रही है। अभी तो 78 दिन बाकी हैं।

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