Positive news गोमाता के सम्मान को समर्पित : गविष्टि यात्रा बनी सनातनियों की हुंकार;शंकराचार्य जी आये आगे
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Tue, Apr 28, 2026
मेरठ -शूरवीरों के इतिहास में एक अध्याय और जुड़ने जा रहा है वह है गविष्टि यात्रा का । जो देश में पहली बार होने जा रही है । इतनी लंबी यात्रा जो पूरे ८१ दिन अनवरत चलेगी वह अपने आप में एक अनोखा नया आयाम गढ़ेगी। इस गविष्टि यात्रा की चर्चा देश भर में हो रही है।
क्या है गविष्टि यात्रा - गविष्टि का अर्थ है गायों के लिए किया गया संघर्ष या युद्ध अर्थार्त गो रक्षार्थ धर्मयुद्ध ! यहां युद्ध का मतलब लड़ाई झगड़ा से नहीं बल्कि गो रक्षा के लिए पुरजोर ढंग से आवाज बुलब्द करना भी कह सकते हैं। गविष्टि यात्रा में गो माता को राष्ट्र माता अथवा राज्य माता का उद्देश्य समाहित है। इस यात्रा का शंखनाद ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी श्री अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज ने किया है।
बता दें कि, इसकी रूपरेखा माग़मेला के पूर्व ही बन चुकी थी जो की उत्तरप्रदेश के हर तहसील व विधानसभा में जाना प्रस्तावित था। बीतते समय व संघर्ष के साथ शाब्दिक बदलाव किया गया। शंकराचार्य ने खुद इसका रूट चार्ट तैयार कर जन जन को जोड़ने व धर्मजागरण करने का निश्चय कर लिया है।
गविष्टि यात्रा का उद्देश्य - इसका उद्देश्य राज्य के सभी सच्चे सनातनियों को गो माता की रक्षा के लिए एकजुट होकर आवाज उठाने के लिए प्रेरित करना है। ताकि जन आवाज व समर्थन के बल पर सरकार गो माता को प्रतिष्ठा प्रदान कर उसे पशु की सूची से हटाकर विशिष्ट सूची में शामिल कर राज्य माता व राष्ट्र माता का दर्जा देकर सम्मानित कर सके।
गैर दलीय व गैर राजनीतिक है यह यात्रा - इस 81 दिवसीय यात्रा का स्वरूप गैर राजनीतिक है और इसका किसी दल से कोई संबन्ध नही है। यह जानकारी देते हुए ज्योतिर्मठ के प्रभारी दण्डी स्वामी प्रत्यक्त चैतन्य मुकुंदानंद गिरी ने बताया कि चूंकि हमारे देश में कोई भी कानून संख्या बल के आधार पर बनता व पास होता है। गोमाता की हत्या को प्रतिबंधित करने के लिए कड़ा कानून बने इस हेतु जन जन को जोड़ने और आवाज उठाने के लिए एकजुट करना है। चूंकि,कोई भी राजनैतिक दल सत्ता में जब बैठता है तो वह जन समर्थित चर्चा व विषय को ही महत्व देता है अतएव इस यात्रा के जरिये गो माता के पक्ष में माहौल खड़ा करना उद्देश्य है। सबसे पहले सानात धर्म है,हमारे सनातनी लोग हैं उसके बाद कोई भी दल या अन्य।
81 दिवसीय है यह यात्रा - इस यात्रा का स्वरूप बड़ा है जी कि राज्य के प्रत्येक विधानसभाओं से होकर गुजरेगी। अब तक कि सबसे बड़ी यात्रा होना बताया जा रहा है। यह अब तक के किसी भी शंकराचार्य ने ऐसा कदम नही उठाया था जो ज्योतिर्मठ के वर्तमान शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने ऊठाया है। हालांकि,यह कहा जाता है कि ये ऐसे शंकराचार्य हैं जो बड़ी ही बेबाकी से और मुखरता से शास्त्र सम्मत अपनी बात को कहते रहते हैं।
सत्ता में जो भी रहा उससे ठनती रही - स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती एक ऐसा नाम है जिनका किसी भी सत्तारूढ़ दल से नही जमा । वजह यह देखी गई कि किसी ने मन्दिर तोड़ा तब इन्होंने विरोध किया,कांग्रेस के समय माँ गंगा की अविरलता निर्मलता और राष्ट्रीय नदी की प्रतिष्ठा के लिए संघर्ष करते रहे गणेश विसर्जन को लेकर इनकी सपा शासित सत्ता से ठनी।
किसी भी सरकार के कभी हिमायती नही होने के कारण यह प्रतिकूल परिस्थितियों में बने रहे हैं। वर्तमान में जब यह स्वाभावगत रूप से सच बोल रहे हैं तो इन्हें गैर भाजपाई कहा जाता है। हालांकि, कोई भी संत या धर्मगुरु किसी दल का नही होता बल्कि उसका दल केवल उसका धर्म होता है। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद समय समय पर सभी राजनीतिक दलों को फटकार लगाते रहते हैं यानी यह कहा जा सकता है कि इनकी सत्ता से हमेशा ठनती रही है राजनीतिक दल चाहे जो भी रहा हो.मतलब साफ निकलता है कि ये किसी दल विशेष के नहीं हैं।
गविष्टि यात्रा में संत बनेंगे रक्षक -साधु संतों की टोली शंकराचार्य की इस यात्रा में रक्षक बनकर कार्य करेगी। इस हेतु स्वामी जी ने चतुरंगिणी सेना का निर्माण भी किया है।गोरक्षपीठ के नगर गोरखपुर से यात्रा की शुरुवात होगी। यह नगर सीएम आदित्यनाथ योगी जी का क्षेत्र है यहीं पर गोरक्षपीठ भी है जिसके महंत आदित्यनाथ योगी खुद हैं।
योगी आदित्यनाथ के बारे में जानें,क्या है शंकराचार्य की राय- शंकराचार्य जी को वर्तमान परिस्थिति में मुख्यमंत्री का विरोधी बताया जाता है। हालांकि, कई बार उन्होंने योगी आदित्यनाथ के पक्ष में बयान दिया है। प्रायः उन्हें डांटते हुए ही देखा गया है। इस पर शंकराचार्य जी का कहना है कि जिससे उम्मीद होती है और उस अनुसार कार्य न होने पर गुरु तो फटकार लगाएगा ही यह उनका नैसर्गिक दायित्व है। कई मौकों पर मीडिया के समक्ष योगी से कोई निजी बैर न होना बताया है शंकराचार्य ने। गो हत्या के बढ़ते रिपोर्ट से है नाराजगी कोई निजी बैर भाव नहीं। शंकराचार्य जी ने साफ साफ कह दिया है कि गो माता की हत्या व तश्करी राज्य मे बंद कर गो माता को राज्य माता घोषित कर दिया जाय,इससे ज्यादा और उन्हे कुछ नही चाहिए।
उन्होंने हाल ही में एक बयान देकर सबको चौंकाया भी था कि योगी आदित्यनाथ यदि गो माता को राज्य माता का दर्जा दे देते हैं तो वह उनका अभिनंदन करेंगे। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पीएम के पद पर भी देखना चाहते हैं बशर्ते गो माता,राज्य माता घोषित कर दें।
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