ब्रेकिंग

कैसे बना विवादित,कट्टर सनातनियों ने प्रकट किया रोष,शंकराचार्य भी आये खट्टर के समर्थन में

माँ गंगा की गोद में गो रक्षा का लिया गया संकल्प,सवा दो लाख सैनिकों का होगा गठन

झाड़ू छोड़ आये कमल के फूल के लिए,तो क्या होगा "आप"का

किसी के घर पर नही चला सकते बुलडोजर !

सपा का रुझान भी मैदान-ए-जंग में आया आगे

सूचना

BREAKING- गोवा में दिया गया भाषण : कैसे बना विवादित,कट्टर सनातनियों ने प्रकट किया रोष,शंकराचार्य भी आये खट्टर के समर्थन में

Editor

Sun, Apr 26, 2026

गोवा - वैसे तो गोवा पर्यटन की दृष्टि में सर्वोत्तम जगह है। गर्मियों में लोग छुट्टी बिताने वहां जाते हैं समुद्र का लुत्फ उठाने,मगर इन दिनों वहां की सरगर्मी देश भर में बबाल बन गई है। गोवा न सिर्फ प्राकृतिक रूप से सौंदर्यशाली है बल्कि आध्यात्मिक रूप से भी उसका बड़ा महत्व है।

भगवान परशुराम जी की धरती है गोवा-

जी हां! गोवा का प्राचीन नाम गोयं है जिसका शाब्दिक अर्थ है "गाय"। यानि पूरे देश भर में यह इकलौता राज्य है जिसके नाम में ही गाय का आदर छिपा है। परंतु,हैरानी यह है कि गोवा में गो मांस का निर्यात भी है और ईसाईयत का बोलबाला भी। गोवा तो वैसे भगवान परशुराम जी की नगरी कही जाती है,वहां से उनका संबध जुड़ा है। लेकिन इन दिनों वहां न तो परशुराम जी का शौर्य दिखता और न ही गो माता का सम्मान ।

यदि गो माता का रिश्ता व प्रेम दिखता तो शायद एक सच्चे सनातनी पर अपराध पंजीबद्ध नही होता महज अपने अभियक्ति को प्रदर्शित करने पर। कट्टर हिंदूवादी चेहरा गौतम खट्टर पर मात्र इसलिए केस पंजीबद्ध हो गया क्योंकि वह इतिहास के पन्नो में दर्ज बातों को मंच से बोल दिए। कैथोलिक पादरी सेंट जेवियर के उन कार्यों का उल्लेख कर दिया जो इतिहास के पन्नो में दर्ज है। यह हिंदुस्तान की धरती है,यहां हिन्दू सभ्यता निवास करती है लेकिन उस पर पश्चिमी सभ्यता का पहरा है और शासन उसी अनुसार कार्य करता है,ऐसा प्रतीत हो रहा है हिंदुत्व वादी चेहरों को कैद करने पर।

गौतम खट्टर एक कट्टर सनातनी एक्टिविस्ट चेहरा है जो विभिन्न हिंदूवादी संगठनों के मंचों पर,संतों,कथावाचकों के साथ और गो माता की रक्षार्थ अपनी बातों को रखते आया है।

अभी कहीं कोई परेशानी नही हुई जब तक वह गोवा जाकर जेवियर की सच्चाई पर नही बोला। जब तक वह ईसाइयत पर नही बोले तब तक ठीक था और जब इतिहास के पन्नो को बांच दिया तब वह अपराधी हो गया। वहां की सावंत सरकार ने ऐलान कर दिया कि खट्टर को गिरफ्तार करो।

और आखिरकार,गौतम खट्टर व उनका भाई माधव खट्टर गिरफ्तार कर लिए गए। गौतम खट्टर के ऊपर धार्मिक भावनाओं को कथित तौर पर ठेस पहुंचाने और सांप्रदायिक फुट डालने की कोशिश करने के आरोप में एफआईआर दर्ज कर गिरफ़्तरा कर लिया गया।

सनातन महासंघ के संस्थापक की हुई गिरफ्तारी से भड़के लोग -

आरोप है कि गोवा के वास्को में एक कार्यक्रम में सेंट फ्रांसिस जेवियर पर विवादित टिप्पणी की है।सनातन महासंघ के संस्थापक गौतम खट्टर के भाई माधव खट्टर पर आरोप है कि वह भाषण तैयार किया था जिसे गौतम ने भाषण के रूप में प्रसारित किया। इस पर लोगों का गुस्सा भड़क गया है।

बता दें कि ,गोमाता को राष्ट्र माता बनाने के अभियान में पूज्य शंकराचार्य की आवाज बने थे गौतम खट्टर। गौतम खट्टर लगातार मुखर होकर गो सम्मान में संत समाज और हिंदुओं के पक्ष में बड़ी बेबाकी से आवाज बुलंद करते रहे हैं। ऐसे में एक हिंदूवादी युवा को हिन्दू राष्ट्र में इस तरह से गिरफ्तार करने को लेकर हिंदूवादी संगठनों, सन्तो व सनातनियों में गुस्सा है। यह कदम आताताई बताया जा रहा है। खबर यह भी है कि लोग सड़कों पर आने का मन बना लिया है। हिन्दू पक्ष की वकालत करने वाले अधिवक्ता जैन ने भी इसका पुरजोर विरोध किया है। इसमें गोवा सरकार को संयम व सूझबूझ से काम लेना होगा।

क्या कहते हैं सोशल मीडिया पर आमजन - गौतम खट्टर की गिरफ्तारी पर हिंदूवादी संगठनों ने कड़ी आपत्ति व नाराजगी व्यक्त की है। सोशल मीडिया पर लोग भड़के हुए हैं । गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत की मंशा पर भी सवाल खड़ा किया है। कुछ लोगों ने लिखा है कि कट्टर ईसाई पादरी के उन बातों को खट्टर ने उजागर किया है जो हर कट्टर सनातनी को उठाना चाहिए। लोगों ने यहां तक कह है कि यदि गोवा की सरकार गौतम खट्टर को ससम्मान नही छोड़ती है तो हिन्दू जनता सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेगी।

शंकराचार्य भी गौतम खट्टर की गिरफ्तारी पर व्यक्त की नाराजगी-

ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि सेंट जेवियर की सच्चाई को उजागर करने मात्र से गौतम के ऊपर अपराध पंजीबद्ध करना और गिरफ्तार करना सरासर गलत है। उन्होंने कहा कि गोवा भगवान परशुराम की धरती है और उनकी धरती पर ईसाइयों को बढ़ावा देना हिंदुओं पर अत्याचार है सनातनी इस अत्याचार को कैसे सह लेगा। उन्होंने सेंट जेवियर के शब्दों को बताते हुए कहा कि सेंट जेवियर ने कहा था कि जब सब इसाई बन जाएंगे तब हमें खुशी होगी। शंकराचार्य ने आगे कहा कि इतिहास में दर्ज तथ्य को उद्धरण करने मात्र से कारवाही गलत है। इस पर हिन्दू चुप नही बैठेगा,आगे उन्होंने कहा कि गौतम खट्टर के द्वारा कहे गए शब्दों के समर्थन में हिन्दू खड़े हों। उन्होंने गोवा के मुख्यमंत्री को आगाह करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री सावंत इस पर संज्ञान लें ऐसी कोई भी कार्रवाई नही करनी चाहिए जिससे हिंदुओं की भावनाओं को ठेस पहुंचे। इतिहास सिद्ध बातों को बोलना कहाँ तक अन्याय है?

इन्होंने भी किया गौतम का समर्थन-

अन्य संत भी गौतम खट्टर का समर्थन किया है। जिसमें हिन्दू युवा मंच,परशुराम परिषद,परशुराम सेना,सवर्ण आर्मी,राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा,अंतराष्ट्रीय हिन्दू जीर्णोद्धार समिति,आध्यात्मिक चेतना मंच,ब्राह्मण सभा, करनी सेना,गो प्रतिष्ठा आंदोलन अभियान,युवा हिन्दू चेतना मंच आदि सैकड़ों संगठनों ने गौतम खट्टर के ऊपर पुलिसिया कार्रवाई का विरोध किया है।

इसी संदर्भ में लोगों का गुस्सा बीजेपी सरकार पर भी देखा जा रहा है। हिंदुओं का गुस्सा यह है कि जो सरकार अपने आप को सनातनी सरकार कहती है उसी सरकार में एक सच्चे सनातनी विचारक के ऊपर अनायास सांप्रदायिक अपराध पंजीबद्ध कर गिरफ्तार कराना कहाँ तक सनातनी विचारधारा है और कहां तक न्याय संगत है। गौतम खट्टर की गिरफ्तारी से बीजेपी को भी टारगेट किया जा रहा है। अब देखना यह होगा कि बीजेपी की सावंत सरकार क्या निर्णय लेती है।

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें