गोरक्षपीठ नगरी से : गविष्टि यात्रा का हुआ शंखनाद403 विधानसभाओं में जाएगी यात्रा
Editor
Sun, May 3, 2026
शंकराचार्य जी के सान्निध्य में गोरखपुर से निकली 81 दिवसीय गविष्ठी (गोरक्षार्थ-धर्मयुद्ध) यात्रा ।
शंकराचार्य जी ने गौ-ध्वज दिखाकर किया यात्रा का शुभारंभ
गोरखपुर (उत्तरप्रदेश)- 3 मई 2024 - बाबा गोरखनाथ की धरती से पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार आज 'परमाराध्य' परमधर्माधीश उत्तराम्नाय ज्योतिष्पीठाधीश्वर अनन्तश्रीविभूषित जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामिश्री: अविमुक्तेश्वरानंद: सरस्वती '१००८' जी महाराज ने भारत माता चौराहे पर गौध्वज दिखाकर 81 दिवसीय गविष्ठी यात्रा का शुभारंभ किया । पूज्य शंकराचार्य जी के सान्निध्य में उत्तरप्रदेश के सभी 403 विधानसभाओं में निकलने वाली इस यात्रा के शुभारंभ के समय भारी संख्या में गोरखपुर वासी गौभक्तों एवं संतों ने अपनी सहभागिता सुनिश्चित की।
गो माता बनें राष्ट्र माता,शंकराचार्य का संकल्प-
सर्वविदित है कि वेदों में गौमाता हेतु होने वाले धर्मयुद्ध को गविष्ठी कहा गया है।और शंकराचार्य जी महाराज के सान्निध्य में राष्ट्र का बहुसंख्यक जनसमुदाय वर्षों से गौमाता के प्राणों की रक्षा सुनिश्चित कर गौमाता को देश में राष्ट्रमाता एवं राज्यों में राज्यमाता घोषित कराने हेतु मुखर आवाज उठा रहा है।लेकिन सरकार ने अभी तक कोई सकारात्मक पहल नही की है।वहीं बंगाल केरल जैसे राज्यों में गौमाता की बढ़ती एवं यूपी में गौमाता की घटती संख्या से चिंतित शंकराचार्य जी ने आज से गविष्ठी यात्रा का शुभारंभ कर दिया।
सनातनी जनता से कर रहे संवाद-
गविष्ठी यात्रा से पूर्व आयोजित धर्मसभा को संबोधित करते हुए शंकराचार्य जी महाराज ने कहा कि गौमाता की होने वाली हत्या को रोकने हेतु दृढ़ प्रतिज्ञ होकर यह यात्रा निकली है।और 403 विधानसभाओं से गुजरने वाली इस यात्रा के दौरान सनातनी जनता से संवाद स्थापित कर उन्हें गौमाता के प्राणों की रक्षा हेतु आगे आने एवं जो भी दल या व्यक्ति सार्वजनिक रूप से गौमाता के प्राणों की रक्षा हेतु शपथ लेकर सार्वजनिक रूप से उद्घोषणा करता है उसे ही मतदान करने हेतु प्रेरित किया जाएगा।
आज 51 वाहनों के काफिले के साथ शंकराचार्य जी की गविष्ठि (गोरक्षार्थ-धर्मयुद्ध) यात्रा गोरखपुर से अगले गंतव्य हेतु रवाना हुई । आज से गविष्ठि (गोरक्षार्थ-धर्मयुद्ध) यात्रा शुरु हुई ।
विज्ञापन
विज्ञापन