: नेशनल हेराल्ड ;ईडी बनाम कांग्रेसी सत्याग्रह
- राज्य ब्यूरो (छत्तीसगढ़)- सन 1938 नेशनल हेराल्ड की शुरुवात माना जाता है। जवाहर लाल नेहरू ने इसकी शुरुवात की । दरअसल , नेशनल हेराल्ड एक अखबार के रूप में शुरू हुआ जिसमें नेहरू के अलावा करीब 5 हजार स्वतंत्रता संग्राम सेनानी भी इसमे शेयर होल्डर बनाये गए थे ऐसी चर्चा तथाकथित तौर पर की जाती रही है। यही अब कांग्रेस के गले की फांस बन गया है। एक तरफ 2014 से लेकर अब तक भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने राजनैतिक डिबेट,मंच से लेकर कोर्ट तक कांग्रेस के वारिश राहुल गांधी को निशाने पर लिए फिरते हैं। हालांकि राहुल गांधी के पीछे भाजपा हाथ धोकर पड़ी है।
- कांग्रेस शासित प्रदेशों के नेता व मुख्यमंत्री दिल्ली में जाकर सत्याग्रह की राह पकड़े थे,लेकिन पुलिस ने जबरिया घसीटते हुए पुलिस कस्टडी में ले लिया। ये सभी कांग्रेसी अपने नेता राहुल गांधी से हो रही ईडी पूंछतांछ का विरोध प्रदर्शन करने राजधानी दिल्ली की सड़कों पर बैठे थे।
- अब हम बात करते हैं राजनीतिक मतभेदों की तो बता दें कि, भाषण चाहे खुले मैदान में हो या संसद में,भारतीय जनता पार्टी के नेताओं और प्रधानमन्त्री मोदी के निशाने पर कांग्रेस हमेशा रहती है। परदादा जवाहरलाल नेहरू से शुरुवात होती है और नाती राहुल गांधी तक को लपेटा जाता है। जाहिर सी बात है कि,भाजपा अपने नारे "कांग्रेस मुक्त भारत" को पूरा करने के लिए कोई कोर कसर नही छोड़ रही है। इसका जिक्र अक्सर भाजपा के मंचीय भाषणों पर होता रहता है। यही कारण है कि अब कभी राजनीतिक तौर तरीकों से तो कभी जांच एजेंसियों के माध्यम से कांग्रेस के बड़े नेताओं की पुरानी किताबें खोल ही दी जाती हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन