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: सहकारिता को मिला बल,पांच साल में खुलेंगीं दो लाख सहकारी समितियां,अब गाँव गाँव को मिलेगा लाभ-कैबिनेट

Admin

Thu, Feb 16, 2023

नई दिल्ली-कैबिनेट का सराहनीय फैसला- सहकारी आंदोलन से मिलता लाभ,दो लाख सहकारी समितियों को मिली मंजूरी- 

अमृतकाल में सहकारिता को मजबूती प्रदान करने का जो कार्य सरकार ने किया है वह कृषक व ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए स्वस्थ धमनी के रक्त संचार की भांति कार्य करने जैसा है.इससे कृषि व ग्रामीण जगत में सुधार होने की प्रबल संभावना बलवती होती नजर आ रही है. बुधवार को कैबिनेट ने अगले पांच वर्षों के भीतर दो लाख नई सहकारी समितियों जिसमे कृषि व मत्स्य-दुग्ध पालन शामिल है,प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है.इससे भारत की ग्रामीण जनता का और सरकार का संबन्ध मजबूत होगा,इस अभियान को तेजी दी जा रही है.इस कदम को सहकारी आंदोलन तेज करने व मजबूत करने का बताया जा रहा है. [caption id="attachment_4038" align="aligncenter" width="300"] गृह व सहकारिता मंत्री अमित शाह[/caption] कैबिनेट मंजूरी के बाद इस फैसले के बारे में देश के सूचना व प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने जानकारी साझा करते हुए कहा कि सहकारी आंदोलन को देश की जनता तक पहुंचाने को प्राथमिकता देते हुए यह कदम बढ़ाया गया है.यह केंद्र खासकर वहां खुलेंगे जहां पर इनकी पहुंच अभी तक नही हो पाई है.इसे लागू करने की कार्ययोजना नाबार्ड,नेशनल डेयरी बोर्ड और नेशनल फिशरी डेवलपमेंट बोर्ड तैयार कर रहे हैं. अस्वस्थ समितियां होंगी बन्द,नई की जाएंगी स्थापित.   जानकारी यह भी दी गई कि,जो समितियां कार्य नहीं कर पा रहीं हैं,उन्हें बन्द किया जाएगा और उनकी जगह पर नई और दूसरी समितियों का गठन किया जाएगा.देश की समुद्री सीमा से लगी पंचायतों और वैसी पंचायतों में जहाँ बड़ी संख्या में जल स्रोत हैं,उस जगह मछली पालन समितियों के गठन होगा.योजना को सही तरीके से लागू करने के लिए गृह व सहकारिता मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में एक अंतर मंत्रालयीन समिति का गठन किया गया है.इसमे संबधित विभाग के मंत्री व सचिव सहित चेयरमैन शामिल होंगे. फैसले का क्या होगा असर-
  • इस मंजूरी वाले फैसले के किसानों को आकर्षक बाजार मिलेगा,आसानी से कर्ज की सुविधा मिलेगी और आय भी बढ़ेगी.
  • ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी.

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