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: 20 साल बाद शिवनाथ में आई बाढ़ से जीवन अस्त व्यस्त,प्रशासन हाईअलर्ट मोड पर,शासन ने बचाव हेतुजारी किया निर्देश.हजारों एकड़ धान की फसल पानी से बर्बाद.

छत्तीसगढ़ में हो रही तेज बारिश से बाढ़ की स्थिति,कई गांव बाढ़ की चपेट में,नदी किनारे बसे गांव का जीवन अस्त व्यस्त,सीएम ने बचाव हेतु जारी किया निर्देश 

दुर्ग/जांजगीर चंपा/बिलासपुर - छत्तीसगढ़ मे इस वक्त बाढ़ के हालात बने हुए हैं। दुर्ग में शिवनाथ नदी खतरे से ऊपर बह रही है। राज्य में तेज बारिश के चलते नदी नाले उफान पर हैं,वहीं शिवनाथ नदी खतरे के निशान से लगभग 10 फ़ीट ऊपर बह रही है। जिससे नदी किनारे बसे गावों में जीवन अस्त व्यस्त हो गया है। [caption id="attachment_2591" align="aligncenter" width="300"] शिवनाथ नदी में बाढ़ की स्थिति[/caption] शिवनाथ का यह रौद्र रूप 20 साल बाद देखने को आया है। 2002 में इस तरह की बाढ़ के हालात बने थे। नदी में बाढ़ आ जाने से नदी किनारे बसे लगभग 50 गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। लोगों के घरों से सिलेंडर तक तैरते नजर आ रहे हैं। नदी के किनारे बसे गांव का संपर्क मुख्य मार्ग से टूट गया है। दुर्ग में इस तरह के हालात बन गए हैं कि नदी का पानी शहरों में भी घुसने लगा है। इस हालात को देखते हुए जिला प्रशासन एलर्ट मोड पर है। बचाव व राहत कार्य चालू कर दिया गया है। प्रशासन लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाने का कार्य कर रहा है। कैसे बनी बाढ़ की यह स्थिति -  दरअसल बारिश तेज होने के साथ ही मोंगरा बैराज से लगभग 70 हजार क्यूसेक पानी के छोड़े जाने से बाढ़ की स्थिति निर्मित हो गई है। जल स्तर इतना ज्यादा बढ़ गया है कि नदी पर दुर्ग-राजनांदगांव मार्ग पर बना पुल भी डूब गया है। हालात को देखते हुए यह मार्ग आवागमन हेतु बंद कर दिया गया है। दुर्ग,राजनांदगांव,बेमेतरा,जांजगीर-चांपा और बिलासपुर की हालत दयनीय है। बाढ़ से बचने शासन ने निर्देश जारी कर जिला प्रशासन को मुस्तैद रहने कहा है। शासन ने राहत कार्य हेतु जारी किया निर्देश -सीएम भूपेश बघेल ने सुरक्षात्मक निर्देश जारी कर दिया है। लगातार जल स्तर बढ़ता देख शासन ने जांजगीर-चांपा एवं रायगढ़ जिले के नदी किनारे बसे गावों में विशेष निगरानी रखने एवं सुरक्षात्मक प्रबन्ध करने गाइड लाइन जारी कर दी है। बालोद में खरखरा जलाशय से भी पानी आने के कारण भी बाढ़ के हालात बने हैं। हजारों एकड़ धान की फसल बर्बाद होते दिख रही है,खेतों में लगातार कई दिनों से पानी भरा पड़ा है। 24 घण्टे में तेज बारिश होने की संभावना ओ जताते हुए मौसम विभाग ने एलर्ट जारी किया है। शिवनाथ का रौद्र रूप अब जन जीवन पर भारी पड़ रहा है। यदि तेज बारिश होती है तो वाकई हालात और बिगड़ सकते हैं। इसलिए लोगों को इस वक्त कहीं भी आना जाना स्थगित कर देना चाहिये।  

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