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: हिंडन का अस्तित्व खतरे में : देश की सबसे ज्यादा प्रदूषित नदी,जलीय जीवन पर मंडराया संकट

Admin

Thu, Sep 29, 2022

हिंडन नदी देश की सबसे प्रदूषित नदियों की सूची में पहले स्थान पर,जलीय जीव के जीवित रहने की संभावना ना के बराबर

 सहारनपुर/लखनऊ-उत्तरप्रदेश की नदी ,हिंडन में अब जल जीवन जीने वाले जानवरों के लिए भी कोई गुंजाइश नहीं बची है। राष्ट्रीय जल गुणवत्ता निरीक्षण कार्यक्रम के तहत देशभर की नदियों का निरीक्षण किया गया। हिंडन नदी में सहारनपुर, मेरठ, बागपत, गाजियाबाद, नोएडा में ई-लेवल का प्रदूषण पानी में मिला है, जो कि अत्यधिक प्रदूषित है।

[caption id="attachment_3590" align="aligncenter" width="300"] हिंडन नदी हो गई विषाक्त[/caption] हिंडन में अब जल जीवन जीने वाले जानवरों के लिए भी कोई गुंजाइश नहीं बची है। राष्ट्रीय जल गुणवत्ता निरीक्षण कार्यक्रम के तहत देशभर की नदियों का निरीक्षण किया गया। हिंडन नदी में सहारनपुर, मेरठ, बागपत, गाजियाबाद, नोएडा में ई-लेवल का प्रदूषण पानी में मिला है, जो कि अत्यधिक प्रदूषित है। बता दें कि, हिण्डन नदी (Hindon River) उत्तरी भारत में यमुना नदी की एक सहायक नदी है। इसका पुरातन नाम हरनदी या हरनंदी भी था। इसका उद्गम सहारनपुर जिले में निचले हिमालय क्षेत्र के ऊपरी शिवालिक पर्वतमाला में स्थित शाकंभरी देवी की पहाडियों मे है। यह पूर्णत: वर्षा-आश्रित नदी है और इसका बेसिन क्षेत्र 7083 वर्ग किमी है। 2010 में उच्च न्यायालय ने नदी में गिर रहे गंदे व केमिकलयुक्त पानी को गिरने से रोकने के लिए एसटीपी बनाने के आदेश निगम व प्रशासन को दिए गए थे। निगम की बोर्ड बैठक में कई बार मुद्दा उठाया गया लेकिन न एसटीपी बना न हिंडन को बचाने के लिए ठोस कदम उठाए गए। तीन नालों को टैप करने की योजना निगम द्वारा बनाई गई लेकिन कोई काम नहीं हुआ। फैक्टरियों को नोटिस देकर केमिकल युक्त पानी नालों में नहीं छोड़ने का नोटिस दिया गया लेकिन हिंडन में जहरीला पानी जाना बंद नहीं हुआ। अब सरकार की कोशिश है कि यहां पर रिवरफ्रंट बनाकर इसे पर्यटन के हिसाब से विकसित किया जाए ताकि लोगों का आना जाना यहां पर शुरू हो सके लेकिन यह तभी मुमकिन हो पाएगा जब इसको कुछ हद तक साफ कर लिया जाएगा।  (साभार नवजीवन).

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