बड़ी खबर - फरसा बाबा के बलिदान को नहीं जाने देंगे व्यर्थ : चतुरंगिणी सेना का निर्माण कर शंकराचार्य ने कर दिया बड़ा ऐलान
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Tue, Mar 24, 2026
गो रक्षक फरसा बाबा को सबसे बड़ी श्रद्धांजलि लाखों सनातनी होंगे मैदान में
शंकराचार्य ने खड़ी कर दी फरसा बाबाओं की फौज, बनाई चतुरंगिणी सेना -
वाराणसी- उत्तरप्रदेश के मथुरा जिले में गो रक्षक फरसा बाबा की हत्या का प्रतिशोध लेने के लिए अब लाखों सनातनी मैदान में होंगे। उनके हाथ में भी फरसा होगा और वह गो हत्या बंदी के लिए कार्य करेंगे। ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने आज काशी में इसका ऐलान कर दिया है।उन्होंने चतुरंगिणी सेना बनाकर यह घोषणा की है कि गो-गंगा और मंदिरों की रक्षा के लिए भारतीय वैदिक सैनिक जिन्हें चतुरंगिणी सेना कहा जायेगा अब मैदान में उतरेगी। उन्होंने आज काशी के विद्यामठ में पत्रकारों के समक्ष इसकी घोषणा की ।

इस दौरान पीले भारतीय गणवेश में हाथ में फरसा लेकर 27 सैनिकों को नामांकित किया और कहा कि इसी तरह से 2 लाख से अधिक सनातनी योद्धा तैयार किये जायेंगे जो वैदिक सभ्यताओं व धरोहरों की रक्षा करेंगे। उन्होंने,फरसा बाबा की हत्या का कारण हत्यारों की बढ़ती सक्रियता व निरंकुशता को बताया और कहा कि सरकार की यह विफलता है जो गो तस्करी को बढ़ावा देते हुए गो रक्षकों पर प्राणघातक हमले करा रही है। उन्होंने प्रश्न उठाते हुए कहा कि योगी सरकार गो रक्षा के मामले में पूरी तरह से विफल है। जो सरकार गो रक्षकों की रक्षा नही कर पा रही है उससे और क्या ही उम्मीद की जाय।
बता दें कि ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती गो हत्या बंदी को लेकर काफी मुखर हैं और वह गो माता को राष्ट्र माता की प्रतिष्ठा दिलाने के लिए जोर शोर से संकल्पित हैं। इसके चलते उन्हें भी काफी संकटों व चुनौतियों से गुजरना पड़ रहा है। अभी हाल ही में उन्होंने राजधानी लखनऊ में गो प्रतिष्ठार्थ धर्मयुद्ध का शंखनाद भी किया है। उसी कड़ी में चतुरंगिणी सेना का गठन भी किया गया।
हजारों समर्थंक होंगे इस सैन्य बल के सिपाही-
खबर यह भी है कि फरसा बाबा के साथ जुड़े रहे हजारों गो रक्षक अब शंकराचार्य के चतुरंगिणी सेना के सिपाही बनेंगे और गो हत्या की लड़ाई लड़कर फरसा बाबा की राह पर चलने का प्रण लेंगे। मथुरा में हुई फरसा बाबा की दर्दनाक मौत से आहत लोगों ने कमर कस ली है,उनका कहना है कि फरसा बाबा पूज्य शंकराचार्य की गो हत्या बंदी की आवाज को बल देने का प्रण लिया था,जिसे चतुरंगिणी सेना के माध्यम से पूरा किया जाएगा।

रक्तबीज को कुचलने शक्तिबीज की चुनौती -
चैत्र नवरात्रि का पर्व चल रहा है। इसी बीच चतुरंगिणी सेना का गठन कर शक्ति का शंखनाद किया गया। जिस प्रकार से रक्तबीज का संहार करने के लिए माँ दुर्गा ने कई शक्तियों का प्रादुर्भाव कर एक नई शक्ति को जन्म दिया था उसी प्रकार से गो हत्यारों जो कि रक्तबीज की तरह कार्य कर गो माता के रक्त से यूपी की धरती को कलंकित कर रहे हैं उन्हें भी खत्म करने के लिए शक्तिबीज का आहवान किया गया है। जल्द ही ऐसे रक्तबीजों का खात्मा राम कृष्ण की इस धरती से किया जाएगा। चतुरंगिणी सेना अब सनातनी धरोहरों को सुरक्षा प्रदान करेगी। नवरात्रि पर्व के पंचमी तिथि से इसका शंखनाद किया गया।
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