: मौसम ने बदली करवट तेज तूफानी बारिश से मची आफत,एलर्ट घोषित
Admin
Sat, May 3, 2025
रायपुर(छत्तीसगढ़)- एक तरफ जहां गर्मी से लोग हलाकान हो रहे हैं वहीं तूफानी बारिश ने भी कहर ढा दिया है। छत्तीसगढ़ में अचानक दो दिनों से मौसम तूफानी हुआ है। दोपहर 3 बजे के बाद एकाएक अंधेरा छा गया और तेज तूफान शुरू हुआ। शुक्रवार और शनिवार में तूफानी बारिश ने जनजीवन अस्त व्यस्त कर दिया। राहगीर कहीं पेड़ों के गिरने से चोटिल हुए तो कहीं की सड़कें जाम रहीं। तेज अंधड़ के साथ कहीं खंभे गिरे तो कहीं आकाशीय बिजली की चपेट में जान भी चली गई। फिलहाल अभी 6 मई तक ऐसा ही मौसम बना रहेगा।
मौसम विभाग की चेतावनी,रहें एलर्ट-
शुक्रवार को दोपहर तेज आंधी के साथ बारिश हुई। यह तूफानी बारिश राज्य के लगभग सभी जिलों में हुई है। जिससे फसलें भी प्रभावित हुई हैं। फसलों को नुकसान हुआ जिससे किसानों के माथे पर चिंता की रेखाएं देखी गईं। मौसम विभाग ने एलर्ट जारी करते हुए कहा है कि ऐसा ही मौसम आगामी 3 दिनों तक और रहने की संभावना है। तेज आंधी तूफान से एलर्ट रहने की जरूरत है। सावधानी बरतना आवश्यक है।
रायपुर,बिलासपुर,पेंड्रा मरवाही,जशपुर,अंबिकापुर, रायगढ़,जांजगीर ,दुर्ग भिलाई,कवर्धा-बेमेतरा,मनेन्द्रगढ़ से लेते हुए दंतेवाड़ा और जगदलपुर में जगह जगह पेड़ गिरे और तेज बारिश हुई है। पेंड्रा मरवाही से बिलासपुर रास्ते पर कई पेड़ों के गिर जाने से रास्ता भी बन्द रहा। आवाजाही कर रहे राहगीरों पर मुसीबत बनी आंधी ने कइयों को चोटिल भी किया है। खबर यह भी है कि आकाशीय बिजली के गिरने से एक शिक्षक की मौके पर ही जान चली गई।
3 दिनों तक रहें सावधान -
मौसम विभाग ने यलो अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि अभी तीन दिनों तक ऐसा ही मौसम बने रहने की संभावना है। घर से दूर की यात्रा तभी करें जब आवश्यक हो,खासकर उन रास्तों पर जहां घने जंगलों से सड़कें गुजरती हों।3 दिनों तक ऐसा ही मौसम बने रहने की संभावना है।
गर्मी से निजात तो मिली लेकिन काफी नुकसान भी हुआ-
एक तरफ इस बारिश से लोगों को गर्मी से निजात मिली तो वहीं किसानों को नुकसान भी हुआ। आम की फसलों और सब्जियों को नुकसान पहुंचा है। कई जिलों में धान की फसलें प्रभावित हुई हैं। 6 मई तक मौसम तूफानी रहेगा। कहीं बारिश,ओले तो कहीं तेज अंधड़ के साथ बारिश होगी। राज्य में ओले भी गिरे हैं जिससे फसलों को नुकसान हुआ है। इस बारिश से राजधानी के कई मोहल्लों में जल भराव भी हुआ जिससे लोगों के घरों में भी पानी भर गया। सड़कें लबालब रहीं और बिजली के खंभे भी गिरे। बिजली के तार गिरने व खंभे टूटने से बिजली गुल रही। यह पश्चिमी विक्षोभ का कहर है जो कि अभी बना रहेगा ऐसा मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है।विज्ञापन
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