: सीएम का सख्त आदेश,बर्दाश्त नही की जाएगी लापरवाही
Thu, Jun 6, 2024
लखनऊ
- उत्तरप्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ आज सख्त नजर आए। लोकसभा का चुनाव संपन्न होने के बाद उन्होंने अधिकारियों की मीटिंग ली। सीएम योगी ने मीटिंग में कार्य का जायजा लिया और समय पर कार्य पूरा करने का निर्देश भी दिया।लोकसभा चुनाव के बाद कि पहली बैठक में पहुंचे योगी सख्त मिजाज में दिखे। उन्होंने सभी विभाग के सीनियर अधिकारियों की मीटिंग लिया है। और कहा है कि जनता का कार्य सरोपरि है,किसी को भटकना न पड़े और सभी कार्य समय पर पूरे होने चाहिए और साथ ही साथ खाली पड़ी जगह को भरने हेतु नई वैकेंसी भी निकालने का निर्देश दिया है।
: सनातन के धर्माधीश नववर्ष पर करेंगे सनातनी पंचांग का शुभारंभ
Mon, Apr 8, 2024
शङ्कराचार्य जी के सान्निध्य में कल आयोजित होगा भारतीय नववर्ष। महाराजश्री: करेंगे सनातनी पंचांग का
लोकार्पण
कल गौसंवत्सर पर शंकराचार्य जी देंगे सम्पूर्ण विश्व के सनातनियों को संदेश
[caption id="attachment_4692" align="aligncenter" width="300"]
शंकराचार्य स्वामी श्री अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज[/caption]
वाराणसी
- कल चैत्र नवरात्र प्रतिपदा को परमाराध्य परमधर्माधीश उत्तराम्नाय ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगदगुरु शंकराचार्य स्वामिश्री: अविमुक्तेश्वरानंद: सरस्वती जी महाराज के पावन सानिध्य में प्रातः सूर्योदय 5:41 से भारतीय नववर्ष मनाया जाएगा।
गौसंवत्सर पर मंगलवार को प्रतिवर्ष की भांति सम्पूर्ण विश्व के सनातनधर्मियों को पूज्यपाद शंकराचार्य जी महाराज अपना संदेश व शुभाशीष प्रदान करेंगे तथा सनातनी पंचांग का लोकार्पण भी करेंगे।
वैदिक विद्यार्थी करेंगे नववर्ष का स्वागत-
इस दौरान विद्यार्थी सुबह सूर्योदय के बाद से करीब एक घण्टे तक विभिन्न कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगे।
जिसके अनन्तर बटुक वैदिक विद्यार्थी सूर्यार्घ्य से नववर्ष का भावपूर्ण स्वागत करेंगे। कल से नवरात्रि प्रारंभ हो रही है,उसका अनुष्ठान भी शंकराचार्य घाट स्थित श्री विद्यामठ में किया जाएगा।इस दौरान 108 कन्या पूजन,108 बटुक पूजन,व 108 दम्पति पूजन सम्पन्न होगा और शंकराचार्य स्वामी श्री: अविमुक्तेश्वरानंद: सरस्वती जी महराज श्री राजराजेश्वरी त्रिपुर सुंदरी का विशेष पूजन सम्पन्न करेंगे।
: हिंदुओं के पक्ष में आया फैसला,ज्ञानवापी में मिला पूजा का अधिकार,सच हुई शंकराचार्य की बात
Wed, Jan 31, 2024
वाराणसी
-
ज्ञानवापी केस में हिंदू पक्ष को पूजा का अधिकार मिल गया है। हिंदू पक्ष को पूजा का अधिकार दिया गया है। व्यासजी तहखाना मामले की सुनवाई के क्रम में यह अधिकार दिया गया। इस मामले में पहले कोर्ट ने सुनवाई पूरी कर ली थी। हालांकि अभी दो दिन पहले ही ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी श्री:अविमुक्तेश्वरानंद: सरस्वती ने ज्ञानवापी में मन्दिर होने व पूजा का अधिकार दिए जाने की बात को लेकर अपना मन्तव्य जाहिर किया था,और इस परिसर में परिक्रमा करने की इच्छा जताई थी,लेकिन अनुमति नही मिल सकी थी। गौरतलब है कि, इन्ही शंकराचार्य ने उठाया था ज्ञानवापी का मुद्दा। और अब प्रभु ने स्वीकार कर ली पूज्य शंकराचार्य की परिक्रमा ।
काशी ज्ञानवापी से जुड़े अलग-अलग मामलों की सुनवाई वाराणसी जिला न्यायालय में लगातार जारी है. इसी कड़ी में आज यानी कि बुधवार को ज्ञानवापी परिसर से जुड़े सोमनाथ व्यास जी के तहखाने में नियमित पूजा-पाठ को लेकर वाराणसी जिला कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है. कोर्ट ने व्यास जी तहखाने में हिंदुओं को पूजा करने का अधिकार दे दिया है. कोर्ट ने साथ में यह भी निर्देश दिया है कि 7 दिन के भीतर वहां पूजा कराने की व्यवस्था की जाए. तहखाने में पूजा का अधिकार मिलने के मामले में मुस्लिम पक्ष ने बयान जारी करते हुए कहा कि ASI के रिपोर्ट में कहीं जिक्र नहीं है, हम फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में करेंगे.
शंकराचार्य ने दो दिन पहले ही हिंदुओं की पूजा परंपरा को बताया था आधार,सच होती दिखी बात-
https://www.facebook.com/share/v/Wi3h1YTd7Rx5qmu1/?mibextid=qi2Omgबता दें,कि ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य स्वामी श्री:अविमुक्तेश्वरानंद: सरस्वती ने ज्ञानवापी में बाबा विश्वनाथ की पूजा परंपरा की बात कही थी। उनका कहना था कि ज्ञानवापी मन्दिर सदियों से हिन्दूओं की आस्था का विषय रहा है,और यह परंपरा रही है कि वहां पूजा बाबा का होता रहा है। शंकराचार्य ने यह बात उस वक्त कही थी जब सोमवार को वे ज्ञानवापी परिक्रमा करने जाने वाले थे और उन्हें वाराणसी की पुलिस ने श्री विद्यामठ में नजर बन्द कर दिया था। स्वामी श्री ने कहा था कि ज्ञानवापी में हिंदुओं का अधिकार है और जो तथ्य मिले हैं या मिल रहे हैं,उसके आधार पर यह अब मान लेना चाहिए कि यहां पर हिंदुओं का ही अधिकार है। और साथ मे यही भी कहा कि अभी जो भी खुदाई शेष है उसमें भी मन्दिर के ही अवशेष मिलेंगे क्योंकि पहले से ही यहां मन्दिर था,और अब कोर्ट ने भी इस बात पर मुहर लगा दी है।
शंकराचार्य ने कहा प्रभु ने दे दी परिक्रमा की अनुमति-
हालांकि,वाराणसी पुलिस ने शंकराचार्य को यह कह कर ज्ञानवापी परिक्रमा करने से मना कर दिया था कि वहां धारा 144 लगी हुई है। इस कानूनी बात को शंकराचार्य ने माना और लिखित रूप से अनुमति प्रदान करने की पेशकश भी किया। लेकिन खबर यह है कि अभी तक उन्हें पुलिस प्रशासन ने परिक्रमा व दर्शन की अनुमति तो नही दी,लेकिन बाबा विश्वनाथ ने अनुमति दे दी है,न्यायालय के माध्यम से यह फैसला सुनाकर। इस फैसले से खुश होकर,शंकराचार्य ने कहा कि,जब हम ज्ञान वापी मन्दिर परिसर में परिक्रमा करने जा रहे थे,तो पुलिस ने हमें रोका जाने नही दिया,अब तो प्रभु ने स्वंय परिक्रमा करने की अनुमति दे दी है। इस फैसले का स्वागत करते हुए सनातनी संघर्ष व अधिकार को मजबूत बताया है और हिंदुओं की आस्था व विश्वास की जीत बताया है।