छत्तीसगढ़दुर्ग भिलाई

अमृतपान शिशु का हक : भिलाईं मे पोषण को बढ़ावा देने ‘वात्सल्य अभियान’की हुई शुरुवात.

गोवर्धन फाउंडेशन व हेरिटेज पब्लिक स्कूल की संयुक्त पहल है वात्सल्य अभियान

पोषण आहार ही जीवन व राष्ट्रीय संस्कृति का आधार है.भिलाईं मे पोषण को बढ़ावा देने’वात्सल्य अभियान’की हुई शुरुवात.

अमृतपान कराने वाली माताओं को पोषण किट प्रदान करते हुए बृजमोहन उपाध्याय व अन्य

भिलाईं – पोषण सुरक्षा को मानव सभ्यता की शुरुवात से ही देखा जाता रहा है। किसी भी प्राणी के लिए पोषण जरूरी है,लेकिन उससे भी ज्यादा जरूरी है कि संतुलित पोषण कैसे हो? इसी बातों को जनहित में रखते हुए सामाजिक आध्यात्मिक उत्थान हेतु कार्य कर रही संस्था गोवर्धन फाउंडेशन के संयोजन में वैशाली नगर विधानसभा अंतर्गत खम्हरिया के वार्ड 1 कुठेला बस्ती में ‘वात्सल्य’ अभियान की शुरुवात की गई। जिसमें 1 माह से 6 माह तक के शिशुओं की माताओं को पोषण किट वितरित किया गया।

कुठेला बस्ती में सामाजिक कार्यकर्ता पाटन देवी की अगुवाई में यह कार्यक्रम रखा गया था। जिसमे संस्था की तरफ से भाजपा के प्रांतीय शिक्षा प्रकोष्ठ के पदाधिकारी व हेरिटेज इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल के संचालक बृजमोहन उपाध्याय की विशेष उपस्थिति में उनके हाथों सभी माताओं को पोषण किट प्रदान किया गया.

सतत चलेगा अभियान, पोषण की क्यों है आवश्यकता,जानेंइस अभियान के तहत हर माह की 25 तारीख को चिन्हांकित वार्डों में शिविर लगाकर पोषण की अनिवार्यता की जानकारी देते हुए पोषण किट का वितरण किया जाना सुनिश्चित हुआ है। इसकी जानकारी देते हुए अभियान के संयोजक बृजमोहन उपाध्याय ने बताया कि बस्तियों में हम उन माताओं के पास जाते हैं,जिनके बच्चे 1 माह से लेकर 10 माह तक के हैं। “क्योंकि 6 माह की उम्र तक माँ के दूध से आवश्यक ऊर्जा प्राप्त होती है। 6 माह के बाद माँ के दूध के अलावा अतिरिक्त ऊर्जा की आवश्यकता बच्चे को होती है। इस तरह 6 महीने के बाद बच्चों को माँ के दूध के साथ ऊपरी आहार देना आवश्यक होता है। मानव शरीर को स्वस्थ एवं क्रियाशील बने रहने के लिए उचित पोषण की आवश्यकता होती है। पर्याप्त मात्रा में पौष्टिक आहार के अभाव में बच्चे का शारीरिक विकास प्रभावित होता है,इसके साथ साथ मानसिक एवं सामाजिक विकास भी ठीक तरह से नहीं हो पाता है।”

कुपोषण से बचने इस विषय पर जरूरी है जागरूकता 

ग्लोबल हंगर इंडेक्स 2020 की रिपोर्ट में भारत को 107 देशों में 94वें स्थान पर रखा गया है,जो स्पष्ट तौर पर दिखाता है कि भारत में खाद्य सुरक्षा की स्थिति में पर्याप्त सुधार की आवश्यकता है। संयुक्त राष्ट्र ने अपने एक बयान में कहा कि भारत मे हर साल कुपोषण के कारण मरने वाले पांच साल से कम उम्र वाले बच्चों की संख्या दस लाख से ज्यादा है। ऐसे में कुपोषण से बचने के लिए बच्चों को पोषित आहार की आवश्यकता होती है।

प्रतीकात्मक फ़ाइल फ़ोटो

          इन्हें दिया गया पोषण किट-       वात्सल्य अभियान की कार्यशाला में उन माताओं को किट दिया गया जिनके बच्चे 1 माह से लेकर 6 माह तक के थे। जिनमें पूजा निषाद,छन्ना यादव,रेनू साहू,जमुना यादव,निरजा धनकर, सोनी यादव शामिल हैं।

     ये लोग रहे उपस्थित – वात्सल्य अभियान की सराहना करते हुए लोगों ने कहा कि वाकई ऐसे ही शिविरों की आवश्यकता है जो आज हुआ है। पोषण की आवश्यकता शहर के स्लम इलाकों में खासकर मजदूर बस्तियों में अधिक है,जहाँ बच्चों व उनकी माओं को सही से पोषण नही मिल पाता ही। कार्यक्रम के दौरान प्रमुखरूप से बृजमोहन उपाध्याय, रामकुमार, शिवाजी सिंह,धर्मेंद्र निषाद,नेहा निषाद सहित बस्ती के पुरुष व महिलाएं उपस्थित रहे।

 

Khabar Times
HHGT-PM-Quote-1-1
IMG_20220809_004658
xnewproject6-1659508854.jpg.pagespeed.ic_.-1mCcBvA6
IMG_20220801_160852

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button