उत्तरप्रदेशप्रयागराज

अब इस हवाई अड्डे को मिलेगा इंटरनेशनल हवाई अड्डा का दर्जा,उतर सकेंगे सीधे विदेशी सैलानी

2025 में लगने वाले कुम्भ में विदेशी सैलानी सीधे उतरेंगे प्रयागराज.केशव मौर्या ने इसे बताया बड़ी उपलब्धि हो चुकी है तैयारी पूरी..

प्रयागराज– संगम नगरी में वर्ष 2025 में लगने वाले कुंभ के दौरान विदेशी सैलानी सीधे प्रयागराज एयरपोर्ट पर उतरें, इसकी तैयारी शुरू हो गई है। सब कुछ योजना के मुताबिक रहा तो कुंभ के पहले प्रयागराज एयरपोर्ट पर इंटरनेशनल फ्लाइट की आवाजाही शुरू हो जाएगी। डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य का कहना है कि इस दिशा में प्रयास शुरू कर दिया गया है। उनके मुताबिक कुंभ से पहले एयरपोर्ट का स्तर और बढ़ जाएगा।

प्रयागराज हवाई अड्डा

वर्ष 2019 में लगे कुंभ के पूर्व ही प्रयागराज में नए एयरपोर्ट का निर्माण हुआ। तब से अब तक प्रयागराज का सीधा हवाई संपर्क देश के 12 प्रमुख शहरों से हो चुका है। यहां लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय विमान सेवा शुरू करने की मांग की जा रही है। फिलहाल इस दिशा में प्रयास शुरू हो गया है। सूबे के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य का कहना है कि प्रयागराज देश का महत्वपूर्ण शहर है। इसलिए प्रयास किया जा रहा है कि यहां एयरपोर्ट पर सुविधाओं का इजाफा हो और प्रयागराज की इंटरनेशनल हवाई कनेक्टिविटी भी हो।

कहा, चार वर्ष से कम समय में ही देश भर के सभी ऐसे एयरपोर्ट जो घरेलू फ्लाइट का संचालन करते हैं, उसमें ग्राहक संतुष्टि के मामले में प्रयागराज एयरपोर्ट की रैकिंग 13 वें स्थान एवं प्रदेश में पहले स्थान पर है। एयरपोर्ट और कीर्तिमान स्थापित करे, इस दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं।

चार वर्ष से कम समय में 15 लाख से ज्यादा यात्रियों की आवाजाही

प्रदेश में लखनऊ और वाराणसी के बाद प्रयागराज ही प्रदेश का एकमात्र एयरपोर्ट है, जहां अब तक 15 लाख से ज्यादा यात्रियों की आवाजाही हो चुकी है। बीते माह ही प्रयागराज एयरपोर्ट के खाते में यह उपलब्धि दर्ज हुई। वर्तमान समय यहां से दिल्ली की दो एवं बिलासपुर, रायपुर, इंदौर, भोपाल, भुवनेश्वर, मुंबई, पुणे, बंगलूरू, लखनऊ, गोरखपुर एवं देहरादून की एक-एक फ्लाइट संचालित है।

इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए जरूरी हैं कई मानक

प्रयागराज एयरपोर्ट को इंटरनेशनल एयरपोर्ट का दर्जा मिलने से पहले यहां कस्टम, कार्गो आदि की व्यवस्था होगी। यहां सुरक्षा व्यवस्था भी यूपी पुलिस की बजाय केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों के हवाले करनी होगी। इतना ही नहीं यहां इनकम टैक्स तथा प्रवर्तन निदेशालय के अफसरों की तैनाती के साथ ही एयरपोर्ट का विस्तार भी जरूरी है। हालांकि एयरपोर्ट विस्तार को लेकर यहां लंबे समय से मंथन जारी है।

लखनऊ, वाराणसी उतरने की नहीं होगी जरूरत

बीते कुंभ में विदेशों से आने वाले तमाम सैलानी विमान से दिल्ली, वाराणसी या लखनऊ एयरपोर्ट पर उतरे थे। उसके बाद रेलमार्ग या फिर सड़कमार्ग से उनका प्रयागराज आना हुआ। वर्ष 2025 में अगर प्रयागराज एयरपोर्ट से कई इंटरनेशनल फ्लाइट शुरू होती हैं तो बाहर से आने वाले सैलानी सीधे संगमनगरी में ही उतरेंगे। उन्हें वाराणसी, लखनऊ आदि एयरपोर्ट पर उतरने की जरूरत नहीं होगी।

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