छत्तीसगढ़जनजागरणधार्मिकरायपुर

धर्म व संस्कृति का मूल सनातन को लेकर हिंदू राष्ट्र बनाने का शंखनाद,यहां एकजुट होंगे संत व धर्मावलंबी,कल होगी बैठक व चर्चा

सनातनियों का संकल्प शक्ति हिन्दू राष्ट्र के प्रति हो रही जागृत,इसी परिप्रेक्ष्य में राज्य के सभी जिलों से संत प्रमुख होंगे इकट्ठे,सभी सनातनियों का हुआ आहवान!

रायपुर(छत्तीसगढ़)- धर्म और संस्कृति का मूल सनातन है और सनातन का आशय केवल हिन्दू धर्म से नहीं बल्कि उसमें बौद्ध,जैन और सिख धर्म भी समाहित है.भारत मे यह सभी धर्मावलंबियों की जड़ें निहित हैं जो कि सनातन से होकर पल्लवित हुई हैं और आज भी इनका आधार स्तंभ सनातनी परंपरा ही है जहां हिंदुत्व का हर हर गूंज रहा है,अतएव भारत भूमि में सनातनी बाहुल्यता के आधार पर हिन्दू राष्ट्र की संवैधानिक घोषणा स्वाभाविक है.

इसी घोषणा की संकल्प शक्ति को लेकर छत्तीसगढ़ जो कि सनातनी परंपरा के मूल संवाहक व आध्यात्मिक आधार कहे जाने वाले मर्यादापुरुषोत्तम भगवान राम की पवित्र ननिहाल नगरी है,वहां से सन्तो की गूंज “हिन्दू राष्ट्र”की घोषणा को लेकर शंखनादित हो रही है.

यदि देखा जाय तो भारत की पहचान सदा धर्म व संस्कृति ही रही है,जो कि दोनों एक दूसरे के पूरक रहे हैं.जहां धर्म संस्कृति का आधार है,वहीं संस्कृति,धर्म की संवाहिका है.दोनों ही अपने अपने परिप्रेक्ष्य में राष्ट्र के निर्माण एवं राष्ट्रीयता के संरक्षण में सहायक सिद्ध होते हैं.जहां धर्म हमारे सर्वस्व का प्रतीक रहा है तो वहीं संस्कृति हमारी स्वाभाविक जीवन शैली की वाहिका रही है.दोनों ने ही भारतीय मूल्यों को जीवंत रखा है और सदा ही इसी कारण से भारत का मान-सम्मान रहा है.अब संवैधानिक रूप से भारत हिन्दू राष्ट्र घोषित हो इसके लिए सभी हिन्दू व सनातनी संतों व सामाजिक धार्मिक संवाहकों ने अपनी निष्ठा लगा दी है.इसी यज्ञ आहुति में छत्तीसगढ़ प्रान्त के चारों दिशाओं से संतों व सन्तजनों ने हिन्दू स्वाभिमान जागरण व सामाजिक समरसता का शंखनाद की आहुति देने 18 फरवरी से निकले हैं.हिंदुत्व वीणा का शंखनाद 18 फरवरी महाशिवरात्रि के शुभ दिवस से किया जा चुका है. राज्य के सभी जिलों से होकर धर्म जागरण यात्रा का समापन प्रदेश की राजधानी रायपुर में होना है.

संगत व पंगत से निखरेगा हिंदुत्व स्वाभिमान-

इस यात्रा का उद्देश्य, सनातनियों के बीच “संगत एवं पंगत” (सत्संग एवं साथ बैठकर भोजन) के माध्यम से एकात्म-एकरस संगठित हिन्दू समाज प्रकटीकरण कर,हिन्दूभव (स्वाभिमान) जागृत करना है। जो की जाति-पाति, भाषा-पंथ क्षेत्र एवं राजनैतिक भेद भावों से ऊपर उठकर हिन्दू राष्ट्र निर्माण में अपनी अग्रणी भूमिका निभायेंगें। सनातनियों की पंगत में ही संगत है और संगत में पंगत का स्वधर्मी अनुष्ठान आवश्यक है.सभी संत समाज एकजुट होकर हिन्दू राष्ट्र की संवैधानिक व्यवस्था के प्रति जागरूक व जागृत हैं अब सभी सनातनियों व धर्मनिष्ठों को जागने व एकजुट होने की जरूरत बताते हुए आयोजक ने कहा कि सभी हिंदुओं की आवश्यकता है कि राष्ट्र में धर्म का संविधान हो जो समग्र सनातनियों का स्वाभिमान होगा.

समस्त सनातनी हिन्दू समाज, पंथ व् समाज प्रमुखों एवं सभी संगठनों से किया गया आह्वान-
पूज्य संतो ने ,बढ़ती हुई विषमता,भेदभाव,जनसंख्या असंतुलन ,धर्मान्तरण,गौवंश हत्या एवं तस्करी,भूमि, लव एवं अन्य जेहाद,धार्मिक एवं सांस्कृतिक आक्रमण आदि जैसी समस्याओं के समाधान एवं जागरण तथा हिन्दुराष्ट्र स्थापना हेतु संतों के नेतृत्व में कदम से कदम मिलकर साथ चलें। इस यात्रा में संतों का स्वागत एवं सेवा-सत्कार कर आशीर्वाद प्राप्त करने का आह्वान समस्त हिन्दू व सनातनियों से किया गया है. 

समापन व समागम की रूपरेखा 4 मार्च की बैठक में होगी तय.कल है बैठक- 

आयोजक मंडल ने जो जानकारी दी है,उसके मुताबिक यात्रा का समापन व समागम 19 मार्च को दोपहर 1 बजे से रावण भाटा में प्रारंभ होगा.जिसमे देश के प्रमुख संत व राष्ट्रीय चिंतक व बुद्धिजीवी इकट्ठे होंगे.इस कार्यक्रम को सफल व राष्ट्र उन्मुख बनाने के लिए 4 मार्च दिन शनिवार को रायपुर के वीआईपी चौक स्थित राममंदिर में एक भव्य बैठक का आयोजन किया गया है.इस बैठक में सनातनी संचेतक व सीए मदन उपाध्याय ने  मन्दिर के पुजारियों,समाज के धर्मनिष्ठों,कथाकारों,कर्मकांडी पंडितों व सभी धर्मावलंबियों से उपस्थित होने व “हिन्दू राष्ट्र” के संकल्प को आगे बढ़ाने हेतु तन मन व धन से आगे रहने व उपस्थित होने का निवेदन किया है.यह बैठक सुबह 10 से 11 बजे तक निर्धारित की गई है.

Khabar Times
HHGT-PM-Quote-1-1
IMG_20220809_004658
xnewproject6-1659508854.jpg.pagespeed.ic_.-1mCcBvA6
IMG_20220801_160852

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button