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ज्ञानवापी- श्रृंगार गौरी मामले में मन्दिर पक्ष को मिली जीत,याचिका स्वीकारी गई,हिन्दू समाज ने इसे प्रथम ऐतिहासिक जीत बताया,किया हर हर महादेव का जयघोष,अगली सुनवाई 27 सितंबर को

ज्ञानवापी मामले में मुस्लिम पक्ष की याचिका खारिज हुई,श्रृंगार गौरी मन्दिर के पक्ष में मामला

वाराणसी – हर हर महादेव से उस वक्त पूरा अदालती परिसर गूंज गया जब ज्ञानवापी- श्रृंगार गौरी मामले में न्यायालय का फैसला आया। बाबा विश्वनाथ की नगरी और हर हर महादेव की गूंज और बाबा का दिन सोमवार! यह सब महज एक संयोग है। लेकिन पूरे देश की निगाह आज वाराणसी के जिला जज की ओर थी क्योंकि महत्वपूर्ण फैसले की घड़ी का सभी को इंतजार जो था। फैसला आने के बाद लोगों में खुशी का ठिकाना न रहा,सभी खुश नजर आए।

कोर्ट परिसर में हिन्दू वादी महिलाएं पैरोकार

बता दें कि बहुचर्चित मामले की सुनवाई आज वाराणसी के जिला न्यायालय में थी। मामले में हिन्दू पक्ष की जीत हुई है।कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए हिन्दू पक्ष की तरफ से दायर याचिका को सुनवाई हेतु स्वीकार कर मुस्लिम पक्ष की याचिका को खारिज कर दिया। न्यायालय ने अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी द्ववारा दिए गए आवेदन को खारिज कर दिया। इसके खिलाफ मुस्लिम पक्ष हाईकोर्ट भी जा सकता है। अदालत ने ज्ञानवापी परिसर में माँ श्रृंगार गौरी मन्दिर में पूजा की अनुमति देने वाली याचिका को सुनवाई के योग्य माना है।अब अगली सुनवाई 27 सितंबर को होगी। इधर मुस्लिम पैरोकार हाईकोर्ट जाने की तैयारी में हैं।

जिला जज डॉ अजय कृष्ण विश्वेश ने पूरी याचिका पढ़ने व दलील सुनने के बाद मुस्लिम पक्ष के रूल 7 नियम 11 के आवेदन को खारिज किया है। मुख्यरूप से उठाए गए तीन बिंदुओं प्लेसेज ऑफ वर्शिय एक्ट,काशी विश्वनाथ ट्रस्ट और वक्फ बोर्ड से इस वाद को बाधित नही माना और श्रृंगार गौरी वादा को सुनवाई योग्य माना।

26 पेज के आदेश को 10 मिनट तक पढा गया उस दौरान सभी पक्षकार मौजूद रहे। इधर कोर्ट के बाहर शान्ती व्यवस्था हेतु भारी मात्रा में पुलिस बल तैनात था।

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हिन्दू पक्ष को मिली जीत से समर्थकों में भारी खुशी- हिन्दू पक्ष के पैरोकार सोहन लाल आर्या गदगद थे,उन्होंने कहा कि आज हिन्दू समाज को जीत मिली है।ज्ञानवापी मील का पत्थर है,उन्होंने कहा कि, हम सभी लोगों से अपील करते हैं कि शांति व्यवस्था बनाये रखें। अगली सुनवाई 27 सितंबर को होगी। इधर,इस जीत को लेकर विश्व वैदिक संघ के प्रमुख जितेंद्र सिंह बिसेन ने इसे संपूर्ण सनातन समाज की प्रथम जीत बताते हुए मंगल शुभकामनाएं दी। बिसेन ने कहा कि सभी पक्ष शांति,संयम और विवेक से कार्य करें,अतिउत्साह में देश की शांति व्यवस्था न बिगड़ने पाए इसका विशेष ख्याल रखें। सभी ने हर हर महादेव का जयघोष करते हुए ख़ुशी जाहिर की।

वादी पक्ष के पैरोकार,वकील

जाने क्या है पूरा मामला –

18 अगस्त 2021 को श्रृंगार गौरी नियमित दर्शन पूजन का मामला राखी सिंह और अन्य चार महिलाओं द्वारा वाराणसी के अदालत में दायर किया गया था। इसके खिलाफ मुस्लिम पक्ष के अंजुमन इंतजाम या कमेटी के वकील सुप्रीम कोर्ट तक गए थे। तत्कालीन सिविल जज सीनियर डिविजन रवि कुमार दिवाकर ने कोर्ट कमिश्नर नियुक्त कर ज्ञानवापी का सर्वे कराने का आदेश दिया था।  कमीशन की कार्यवाही के खिलाफ अंजुमन इंतेजामिया कमेटी ने सुप्रीम कोर्ट में गुहार लगाई थी और मामले की पोषणीयता पर सवाल उठाए थे।

16 मई 2022 को सर्वे की कार्यवाही के बाद सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर 23 मई 2022 से इस मामले में जिला कोर्ट में सुनवाई चल रही है। जून के आखिरी हफ्ते से लगातार इस मामले पर हिंदू पक्ष और मुस्लिम पक्ष के वकीलों द्वारा दलीलें पेश की जा रही थीं। सोमवार को अदालत ने हिंदू पक्ष के हक में फैसला सुनाया।

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