नेशनलस्वास्थ्य

मंकीपाक्स से हुई मौत : दुनिया मे 75 से ज्यादा तो भारत मे हुई पहली मौत ने बढ़ाई चिंता,केरल के 22 वर्षीय युवक की हुई मौत.

मंकीपाक्स का बढ़ रहा खतरा,केंद्र सरकार ने टास्क फोर्स का किया गठन

दिल्ली – कोरोना संक्रमण के बाद अब एक नए संक्रमण ने चिंता बढ़ा दी है। मंकीपॉक्स से केरल का रहने वाला 22 वर्षीय नवयुवक ने दम तोड़ दिया है। बताया जा रहा है कि मृतक , अभी हाल ही में विदेश यात्रा से वापस केरल आया था। बताया जा रहा है कि वह सख्स संयुक्त अरब अमीरात से लौटा था,उसकी जांच वहां हुई थी जिसमे वह मंकीपाक्स के संक्रमण से पॉजिटिव था और केरल में आकर इसी संक्रमण से जीवन का जंग हार गया। मंकीपाक्स से हुई मौत का भारत मे पहला मामला है । 

पहली मौत को देखते हुए केंद्र सरकार ने मंकीपाक्स के संक्रमण को रोकने के लिए एक टास्क फोर्स का गठन कर दिया है ताकि लोगों के बचाव व सावधानियों की जानकारी एवं राहत बचाव कार्य किये जा सकें।इस बीच मामले को गंभीरता से लेते हुए केरल की स्वास्थ्य मंत्री वीना जार्ज ने कहा है कि युवक की मौत के कारणों की जांच की जाएगी,उसके ब्लड सैम्पल की जांच रिपोर्ट अभी नही आई है।स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि हालांकि युवक बिल्कुल स्वस्थ था और किसी तरह की बीमारी या अन्य इंफेक्शन शरीर मे नही थे,फिर मौत का कारण और क्या हो सकता है?

अभी तक भारत मे कुल 4 मामले इस तरह के संक्रमण के आये हैं जिसमे 3 तो केरल के ही हैं और 1 मामला दिल्ली का है। केरल के तीनों लोगों की ट्रेवल हिस्ट्री थी,मतलब ये विदेश से वापस आये थे,लेकिन दिल्ली वाले मरीज की कोई ट्रेवल हिस्ट्री नही थी,यानि वह व्यक्ति भारत से बाहर कहीं अन्य देश नही गया। इस प्रकार से मंकीपाक्स के संक्रमण ने परेशानी बढ़ा दी है। जो कहीं नही गया उसको भी यह संक्रमण हो गया इसकी चिंता अधिक है,और उससे ज़्यादा चिंता इस बात की है कि मंकीपाक्स जानलेवा है।

79 देशों में फैल चुका है मंकीपाक्स, अभी तक 22485 केस आये हैं सामने – 29 जुलाई की एक वैश्विक रिपोर्ट ने खुलासा किया है कि दुनिया भर में अब तक 22485 मंकीपाक्स के मामले सामने आए हैं। जिसमे 25 जुलाई तक 75 लोगों की मौत हो चुकी थी। WHO की माने तो मौजूदा समय मे मृत्यु दर 3-6 फीसदी के बीच है। 

  क्या हैं मंकीपाक्स के सामान्य लक्षण – हालांकि मंकीपाक्स के जो लक्षण आम तरह से देखे गए हैं वे लक्षण बहुत अलग नही हैं, सामान्यतया ऐसे लक्षण जिसमे बुखार,सिरदर्द,मांसपेशियों में दर्द,पीठ दर्द,सुस्ती,शरीर चकत्ते जो 2 से 3 सप्ताह तक रहते हैं,पाए गए हैं। हालांकि सरकार ने कहा है कि यदि इस तरह से लक्षण दिखते हैं तो सबसे पहले एहतियातन नजदीकी स्वास्थ्य सेंटर जाएं चिकित्सक को दिखाएं। हालांकि यह बीमारी कोविड -19 जैसी घातक नही है,फिर भी सावधानी रखनी जरूरी है। 

Khabar Times
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